श्रीनगर : धारा 370 हटने के बाद केंद्र सरकार ने कश्मीर को बहुत सलिके से संवारने की कोशिश कर रही थी और समय के साथ आम चुनाव करा कर राज्य सरकार का भी गठन कराया। इसके साथ केंद्र सरकार यह दावा भी करती रही कि कश्मीर से आतंकवाद समाप्त हो गया। किन्तु इस सबके बावजूद कश्मीर में अनेक आतंकवादी घटनाओं के साथ पहलगाम की घटना हुई जिसमें धर्म पुछकर हिन्दू पुरुष पर्यटकों का उनके पत्नी और बच्चों के सामने कत्लेआम किया गया। और अब कश्मीरी मुसलमान डॉक्टरों के द्वारा दिल्ली में बम ब्लास्ट किया गया। इस घटना की जांच से कश्मीर में आतंकी संगठन के तार जुड़े होने के सबूत सामने आ रहे हैं। यह खतरे का संकेत गृहमंत्रालय ने भांप लिया और आतंकियों और उसके संगठनों पर कार्रवाई तेज कर दी है। इस क्रम में केन्द्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

गृहमंत्री ने कश्मीर में पिछले 10 दिनों में 18 महत्वपूर्ण एक्शन लिए है।
1. लगभ 5 लाख हिन्दू सिख फैमिली को कश्मीर का नागरिक बनाया। 2. उमर अब्दुला और महबूबा मुफ्ती की सारी शक्तियां छीन ली गई है। 3. उमर अब्दुला और महबूबा मुफ्ती का जम्मू कश्मीर नेशनल यूनिवर्सिटी का पहूंच और अधिकार वापस ले लिया गया। 4. कश्मीर और जम्मू के हिन्दू मंदिरों से कंट्रोल हटा दिया गया है। 5. वर्ष 1990 वाले अवैध कब्जे पर अब कोई भी लोकल ऑथोरिटी शिकायत कर सकती है। 6. उमर अब्दुला और महबूबा मुफ्ती को जो 42 साल पहले जो Legal protection दिया गया था अब उनको पब्लिक सेफ्टी एक्ट में ट्राई किया जाएगा और उनको किसी भी जेल में बंद किया जा सकता है, राज्य के बाहर भी। 7. जम्मू-कश्मीर सेक्रेटेरिएट का स्थानांतरण जो ठंड के कारण होता था अब स्थाई रूप से जम्मू में ही रहेगा। 8. जम्मू कश्मीर की सारी फैसिलिटी पब्लिक को केंद्र सरकार से डिरेक्टली मिलेगी, राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। 9. कश्मीर की जनता की हिस्ट्री खंगाली जा रही है, डॉक्यूमेंट पूर्ण रूप से चेक किए जा रहे हैं। 10. उमर अब्दुला और महबूबा मुफ्ती की रहने का घर और गाड़ियों की सुविधा भी हटा ली गई है। 11. नई दिल्ली सारी यूनिवर्सिटी के curiculum को कंट्रोल करता है, लेकिन अब उसको change किया जा रहा है। 12. हिन्दू मंदिर के ट्रस्ट अब home ministry को रिपोर्ट करने लगे हैं। 13. कश्मीर वक्फ बोर्ड को अब दिल्ली वक्फ बोर्ड जो नियाजी लोगों का है उसके अधीन हो गया। 14. वर्ष 1990 में कश्मीरी ब्राह्मणों को भगाकर उनसे जो जबरदस्ती जमीनें खरीदी या हथियाई गई थीं अब उसका फर्जी रजिस्ट्रेशन कैंसिल होगा। जो कि बहुत महत्वपूर्ण फैसला है।

कश्मीर से जुड़े यह सारे निर्णय, खासकर इतने अरसे बाद जब किसी सरकार ने इसपर एक्शन लिया है। अपने शासनकाल में कांग्रेस ने इसपर कोई भी एक्शन नहीं लिया था न ही कोई योजना ही बनाया था।

15. टूरिस्ट ऑथोरिटी, फॉरेस्ट विभाग अब सीधा दिल्ली से कंट्रोल होगी, ताकि बाहरी आक्रांताओं को कुछ लोकल लोग जो छुपा कर पनाह देते थे उसपर अंकुश लग सके। 16. कश्मीर के मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति के अंदर 7 बे नंबर से हटाकर 15 वें नंबर पर कर दिया गया है। मतलब अब रैंक घटा दिया गया है तो मुख्यमंत्री का यूनिवर्सिटी बोर्ड और वक्फ बोर्ड पर जो भी अधिकार होते थे सब हटा दिया गया है। 17. कश्मीरी IAS officers का तबादला किया गया है। 18. बैंकों को राज्य सरकार के अधिकार से हटा दिया गया है ताकि अब कश्मीरी पंडित या बाहरी कोई भी लोग कश्मीर में इन्वेस्ट करना आसान हो सकेगा।

आम चर्चा में यह बात हो रही है कि शायद कश्मीर में अब सिर्फ मुस्लिम ही मुख्यमंत्री बने ये नहीं हो पाएगा।

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