
इम्फाल 7 अगस्त 2022: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने मंगलवार को मणिपुर (पहाड़ी क्षेत्र) जिला परिषद 6वां और 7वां संशोधन बिल पेश किया था। शनिवार को राज्य सरकार द्वारा पेश नए विधेयक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन, मणिपुर ने इंफाल में जबरदस्त आन्दोलन शुरू कर दिया। ट्राइबल छात्र संगठन द्वारा राजमार्गों पर आर्थिक नाकाबंदी कर दी गयी। इनकी घोषणा है कि यह आर्थिक नाकेबंदी अनिश्चित समय के लिए है।

आन्दोलन के दौरान तोड़फोड़ और गाड़ियों में आगजनी की गई। इम्फाल पुलिस ने स्टूडेंट यूनियन की विरोध रैली रोकने की कोशिश की, जिससे हंगामा शुरू हो गया और 30 से अधिक आदिवासी छात्र घायल गए। पुलिस ने पांच आदिवासी छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया और 15 दिनों के रिमांड पर भेज दिया। छात्र संगठन आर्थिक नाकेबंदी कर अपने गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग कर रहा है।
मुख्यमंत्री बीरेन सिंह द्वारा संशोधन विधेयक पेश करने के बाद आदिवासी छात्र संगठन ने पहाड़ी क्षेत्रों को तत्काल और अधिक स्वायत्तता देने की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया था। मणिपुर में छात्र संगठन और आदिवासी समूह ADC (संशोधन) विधेयक 2021 को राज्य विधानसभा में पेश करने की मांग कर रहे है। ATSUM का कहना है कि इससे घाटी इलाकों के विकास के लिए अधिक वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता मिलेगी।
अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के बाद मेइती लीपुन नाम के संगठन ने शुक्रवार दोपहर ATSUM के इम्फाल कार्यालय को बंद कर दिया। इसका दावा है कि नाकाबंदी राज्य के घाटी इलाके को टारगेट करके हुई है। संशोधन विधेयक पेश किए जाने के बाद से ही आदिवासी बहुल कांगपोकपी और सेनापति इलाके में मंगलवार से शटडॉउन है। (चित्र साभार अमर उजाला और thewire)