पटना : वारिसनगर से बिहार विधानसभा पहुंचे जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर विधायकों में शुमार डॉ. मंजरिक मृणाल अमेरिका में 11 पेटेंट, HP लैब्स में सीनियर साइंटिस्ट की नौकरी छोड़ बिहार लौटे और 34 हजार वोटों से जीत दर्ज की है।

बिहार में जहां एक तरफ 9वीं फेल लालू प्रसाद यादव पुत्र तेजस्वी यादव को एक वर्ग और विशेष जाति के आपराधिक समूह राज्य का मुख्यमंत्री बनाना चाहता है। तो दूसरी ओर इसी बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र (क्र. 132) से विजयी डॉ. मंजरिक मृणाल (36 वर्ष) ने न केवल पिता एवं पूर्व विधायक अशोक कुमार ‘मुन्ना’ की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया, बल्कि शिक्षित-युवा नेतृत्व का नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।

चुनाव परिणाम के अनुसार डॉ. मृणाल को 1,08,968 मत प्राप्त हुए तथा उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाकपा (माले) के फूलबाबू सिंह को 34,436 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया।

अब वारिसनगर के विधायक डॉ मंजरिक मृणाल का‌ अमेरिका से बिहार तक का सफर असाधारण रहा है। उन्होंने करोड़ों रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़ा और बिहार लौटकर समाजसेवा व राजनीति को चुना।

चुनाव में बतौर उम्मीदवार हलफनामे के अनुसार डॉ. मृणाल के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है। उनकी कुल संपत्ति लगभग 3.3 करोड़ रुपये है तथा वार्षिक आय 9.6 लाख रुपये है। पत्नी मुग्धा मृणाल भी इंजीनियर हैं।

बिहार के युवा मतदाता एवं प्रोफेशनल्स का मानना है कि डॉ. मृणाल यदि सूचना प्रौद्योगिकी या उद्योग मंत्री बनाए जाते हैं तो बिहार का आईटी सेक्टर नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

पूर्व विधायक अशोक कुमार ने विजय जुलूस के दौरान कहा, “मृणाल के आविष्कार देखकर आप दंग रह जाएंगे। अब ये बिहार के विकास के लिए काम करेंगे।”

डॉ. मृणाल की इस जीत को बिहार में शिक्षित, तकनीकी पृष्ठभूमि वाले युवाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण की नई शुरुआत माना जा रहा है।#MakeMrinalITMinister

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