पुणे : प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी की ओर से गुरुवर्य पद्माकर सदाशिव चिरपुटकर पर ‘ज्ञानव्रती’ शीर्षक से स्मृतिग्रंथ का विमोचन समारोह आयोजित किया गया था l इस समारोह के अवसर पर प्रा. डॉ. नितीन करमलकर (माजी कुलपति, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय) डॉ. अरविन्द पांडे (उपकार्याध्यक्ष, प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी), प्रा. शामकांत देशमुख (कार्यवाह, प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी) प्रा. श्री. सुरेश तोड़कर (सहकार्यवाह, प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी) प्रा. डॉ. निवेदिता एकबोटे (उपकार्यवाह, प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी) प्रा. डॉ. प्रकाश दीक्षित (उपकार्यवाह, प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी) के करकमलों से  स्मृतिग्रंथ “ज्ञानव्रती” का विमोचन संपन्न हुआ l डॉ. अरविन्द पांडे  द्वारा संपादित तथा अभिरुचि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस स्मृतिग्रंथ में 48 लेखों का समावेश किया गया है तथा संस्था की ओर से इससे ऑडियो बुक का निर्माण भी किया गया है l  

डॉ. चिरपुटकर की सुपुत्री डॉ. सुचित्रा केलकर ने समारोह के आयोजन हेतु आभार ज्ञापित किए l डॉ. ज्योत्स्ना एकबोटे ने संस्था के महत्वपूर्ण कार्य का श्रेय डॉ. चिरपुटकर को प्रदान किया l

डॉ. अरविन्द पांडे ने कहा, “डॉ. चिरपुटकर शांत, अनुशासनप्रिय, सहृदय, दिलदार व्यक्तित्व के थे l मनुष्य को जौहरी की तरह वे परख लेते थे l” डॉ. नितीन करमलकर ने संस्था के निर्माण में सहयोगियों का योगदान महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “प्राध्यापकों के कार्य के कारण संस्था बड़ी बनती है l डॉ. चिरपुटकर का कार्य और योगदान अनन्यसाधारण है l यह स्मृतिग्रंथ उनके ऋण में रहने के लिए ही निर्मित है l”

प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. गजानन एकबोटे ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा, “संस्था के अत्यंत कठिन समय और परिस्थितयों में डॉ. चिरपुटकर आधारस्तंभ थे। उनकी नि:स्वार्थ भावना, और आशीर्वादों के कारण संस्था की गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि होती आई है। संस्था में संस्कारपूर्ण वातावरण बना रहना भी आशीर्वाद है। डॉ. एकबोटे ने अपने एकनिष्ठ कार्यकर्ता और सहयोगी डॉ. चिरपुटकर को सुमंनाजली अर्पित की। साथ ही उन्होंने बताया, गणित और संख्याशास्त्र में प्रथम स्थान अर्जित करने वाले छात्र को एक लाख रुपयों की राशि का पुरस्कार संस्था की ओर से निर्धारित किया गया है। 

प्रस्तुत कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. निवेदिता एकबोटे ने की तथा अतिथियों का परिचय प्रा. शामकांत देशमुख ने किया। प्रा. समीर नेर्लेकर द्वारा निर्मित ध्वनिचित्र का प्रस्तुतीकरण भी इस समय किया गया। प्रस्तुत समारोह में प्रोग्रेसिव एज्युकेशन संस्था के संस्था के सभी सदस्य, पदाधिकारी, प्राध्यापक, अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रा. शामकांत देशमुख, सचिव, प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी, पुणे, महाराष्ट्र

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