पुणे : हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय की ओर से “संविधान से बने अच्छे नागरिक” विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। हिंदी विभाग, मॉडर्न महाविद्यालय, शिवाजीनगर, पुणे; मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार और सना साइबर फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन एंड डाटा सिक्युरिटी सर्विसेस के संयुक्त तत्वावधान में प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी के सभागार में संविधान दिवस के भव्य समारोह का आयोजन किया गया था।
वन्दे मातरम से समारोह का आरंभ हुआ। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेरणा उबाळे ने अपनी प्रस्तावना में कहा, संविधान दिवस के माध्यम से संविधान के संदर्भ में जागरूकता निर्माण करने वाला कार्यक्रम करना मेरे लिए देशसेवा समान है। संविधान निर्माण के पीछे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का समर्पण भाव, उनकी समिति के परिश्रम और भारत के नागरिकों के जीवन को सुव्यवस्थित बनाने की डॉ. आंबेडकर की भूमिका का महत्व सबके सामने रखा।

सभागार में मॉडर्न कला, विज्ञान और वाणिज्य महाविद्यालय, मॉडर्न कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मॉडर्न बी. बी. ए., बी. सी. ए. कॉलेज, मॉडर्न हाईस्कूल, राष्ट्रीय सेवा योजना और स्काउट और गाइड के छात्र, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निमंत्रित अतिथियों को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. निवेदिता एकबोटे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा को सुमन अर्पित किए। डॉ. निवेदिता एकबोटे ने संविधान की जानकारी आज के सभी बच्चों को होना कितना आवश्यक है बताया। संविधान के माध्यम से न्याय सबके लिए समान होने की बात प्रतिपादित की।
संविधान का महत्व बताने वाले तथा वर्तमान समय में संविधान का पालन करने की आवश्यकता पर बल देने वाले तीन व्याख्यान इस अवसर पर संपन्न हुए। वकील, नोटरी, पोश और पोस्को प्रशिक्षक श्रीमती प्रीतिसिंह परदेसी ने अपने व्याख्यान में संविधान द्वारा दिए गये मानवीय अधिकारों का महत्व समझाया। स्वतंत्रता और अतिरिक्त स्वतंत्रता के बीच के अंतर को समझने की सलाह उपस्थित छात्रों को दी। गूगल पर शोध किये जाने वाले डाटा के संदर्भ में अधिक सतर्क रहने के लिए उन्होंने सबको सुझाया।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के श्रम विभाग की प्रतिनिधि श्रीमती प्रीति साखरे ने उपस्थित छात्रों और प्राध्यापकों के लिए हितकर कानून व्यवस्था की जानकारी दी। हाल ही में गिग मजदूरों के लिए जो क़ानून पारित किया गया, उसका महत्व और जानकारी उन्होंने प्रदान की। इंटरनेट का होनेवाला गलत प्रयोग आज की सबसे बड़ी चिंता उन्होंने प्रतिपादित की।
इसके अतिरिक्त श्रीमती स्वरदा कबनूरकर ने साइबर सिक्युरिटी पर व्याख्यान देते हुए कहा कि आज के समय में विभिन्न एप के माध्यम से फोटो अपलोड करने की सुंदर दिखने की होड़ मची हुई है परंतु उससे ये फोटो अनुचित कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। भारत के अधिकांश लोगों का डाटा मोबाईल से किस तरह अनेक अनाधिकृत कंपनियों के पास जा रहा है इस संदर्भ में आंकड़े भी बताए। संकट में पड़ने पर महिलाऐं, छात्र कैसे पुलिस व्यवस्था से संपर्क कर सकते हैं इसकी भी जानकारी दी। डॉ. प्रेरणा उबाळे ने सीनियर पोलीस इन्स्पेक्टर श्री. नितीन लांडगे और सना साइबर फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन एंड डाटा सिक्युरिटी सर्विसेस के प्रमुख श्री नचिकेत दांडेकर के सहयोग तथा उपस्थितों के प्रति आभार ज्ञापित किए।

प्रोग्रेसिव एज्युकेशन सोसायटी, पुणे के अध्यक्ष डॉ. गजानन एकबोटे, सहकार्यवाह डॉ. ज्योत्स्ना एकबोटे, सचिव प्रा. शामकांत देशमुख के मार्गदर्शन और प्राचार्या डॉ. निवेदिता एकबोटे के सहयोग से यह समारोह संपन्न हुआ। हिंदी विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह का मंचसञ्चालन और व्याख्यानों का आयोजन हिंदी विभागप्रमुख डॉ. प्रेरणा उबाळे ने किया। कला शाखा की उपप्राचार्या प्रा. अलका काम्बले, मॉडर्न इंजीनियारिंग कॉलेज की उपप्राचार्या डॉ. सुहासिनी इटकर और हिंदी विभाग के प्रा. विनोद सूर्यवंशी, प्रा. सुरज बिरादार, प्रा. सबिना शेख, प्रा. शुभम राउत ने समारोह के आयोजन में सहयोग दिया। इस समारोह में चार सौ से अधिक छात्र और प्राध्यापक उपस्थित रहें। उपस्थितों के द्वारा डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को पुष्प अर्पित किए गए। संविधान जागृति हेतु आयोजित समारोह अत्यंत सुचारू ढंग से संपन्न हुआ।









