मुरैना : मध्य प्रदेश में मुरैना के महापौर के पास एक युवक एक घूसखोरी कर्मचारियों की शिकायत लेकर गया। लेकिन महापौर शारदा सोलंकी ने यह मानने को तैयार नहीं थी कि उनके कर्मचारी घूसखोर हैं।
युवक ने वही फोन लगाया स्पीकर चालू किया कर्मचारी से बात किया और कर्मचारी बताता गया की घूस कितना देना होगा और उसमें किसका-किसका कितना हिस्सा है सारे अधिकारी सुन रहे थे।
पिछले दिनों का मुरैना में मेयर और वार्ड पार्षद के बीच विवाद का वीडियो भी सामने आ चुका है। महापौर शारदा सोलंकी बुधवार को वार्ड क्रमांक 46 में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचीं थी। जहां उन्होंने निर्माण कार्य को घटिया बताया। जिसके बाद वार्ड-46 के बीजेपी पार्षद बंदन सिंह महापौर पर भड़क गए। उन्होंने महापौर पर कमीशनखोरी का आरोप लगा दिया।
सोशल मीडिया पर इस समाचार के प्रकाशित होते ही प्रतिक्रिया भी आने लगी।
1. महापौर कौन सा दूध की धुली हुई, सब सिस्टम का हिस्सा है। .. वास्तविकता में पंचायतीराज ने भ्रष्टाचार अति पर पहुंचा दिया है। .. किसी के घर में कोई डेथ हो जाए तो मृत्यु प्रमाण पत्र भी बिना खर्चे के नहीं बनवा सकते किसी नगर निगम से।
2. पूरा लोकतंत्र ही कमीशन पर ही चलता है….बस मंचों और सार्वजनिक भाषणों में आदर्श की बात होती है…।
3. इसीलिए लोकतंत्र की जगह 30 साल तक मार्शल लॉ लगाकर शासन होना चाहिए…।
4. मध्य प्रदेश मुझे लगता है देश का भ्रष्टतम राज्य है, जहां चपरासियों छुटभैये बाबुओं के घर से भी करोडों की संपत्तियां जप्त होने की खबरें आम हैं। आज से नहीं बर्षों से जब शिवराज सिंह चौहान वहाँ के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हुआ करते थे। (वीडियो साभार Chambal Breaking 28)
