नयी दिल्ली : अंतरिक्ष तक भारत का पहला प्राइवेट उड़ान ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 को पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दुनिया के सामने पेश किया। रॉकेट को प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप कंपनी स्काईरूट ने बनाया है। रॉकेट को 2026 में लॉन्च किया जाएगा। यह अपने साथ 300 किग्रा सैटलाइट ले जाने में सक्षम है।

इस ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 को वर्ष 2026 में लॉन्च किया जाएगा, यह 85 फीट ऊंचा है और 300 किलो वजनी सैटलाइट ले जाने की इसकी क्षमता है।

विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम ने रॉकेट के अलावा कंपनी के नए इन्फिनिटी कैंपस की भी शुरुआत की। इस दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि “युवाओं का इनोवेशन, जोखिम उठाने की क्षमता और उद्यमिता नई ऊंचाइयों को छू रही है। भारत की प्राइवेट स्पेस प्रतिभा दुनिया में अलग पहचान बना रही है। भारत के स्पेस सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर उभर रहा है। 300 से ज्यादा अंतरिक्ष स्टार्टअप इस क्षेत्र को नई उम्मीदें दे रहे हैं। Zen Z इंजिनियर, डिजाइनर, कोडर और साइंटिस्ट्स टेक्नॉलजी तैयार कर Zen Z पीढ़ी का तात्पर्य उन लोगों से है जिनका जन्म 1997 और 2012 के बीच हुआ है। साइकल पर रॉकेट के पुर्जे ढोने से लेकर दुनिया के सबसे विश्वसनीय प्रक्षेपण यान विकसित करने तक, भारत ने साबित कर दिया है कि सपनों की ऊंचाई संसाधनों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प से तय होती है।”

यह इन्फिनिटी कैम्पस 2,00,000 वर्ग फुट में फैला है। इस कैंपस में कई लॉन्च वीकल के डिजाइन, डिवेलपमेंट, इंटिग्रेशन और टेस्टिंग का काम किया जाएगा। इन्फिनिटी कैंपस तेलंगाना के हैदराबाद में है। कंपनी का हेड ऑफिस भी यहीं है। स्काईरूट की शुरुआत 2018 में हुई थी। कंपनी की स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने की थी। वे IIT पासआउट हैं और ISRO के पूर्व साइटिस्ट हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले प्राइवेट रॉकेट को सामने लाने के दौरान नई टेक्नॉलजी तैयार करने के लिए Gen z प्रफेशनल्स की सराहना की।

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